पश्चिम की ठोस दीवार की ओर पीठ करके बैठना चाहिए।
कम्प्यूटर आग्नेय कोण में (दक्षिण-पूर्व) तथा पुस्तकों की अलमारी नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) में रखें। अलमारी खुली न रखें। उस पर दरवाजा न हो तो परदा अवश्य लगाएं।
एक क्रिस्टल बॉल अथवा क्रिस्टल का श्रीयंत्र लाकर अपने अध्ययन कक्ष में रख लें। यह नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है।
* विद्यार्थी सुबह उठते ही 'ॐ ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नमः’ का 21 बार जाप करें।
जो बच्चे पढ़ते समय शीघ्र सोने लगते हैं अथवा मन भटकने के कारण अध्ययन नहीं कर पाते, उनके अध्ययन कक्ष में हरे रंग के परदे लगाएं।
पढ़ते समय विद्यार्थी का मुंह पूर्व अथवा उत्तर दिशा में होना चाहिए।
विद्यार्थी अपनी मेज पर ग्लोब रखें और दिन में तीन बार उसे घुमाएं।
अध्ययन कक्ष के द्वार के बाहर अधिक प्रकाश देने वाला बल्ब लगाएं, उसे शाम होते ही जला दें।
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